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एक माह में दस से भी ज्यादा जहरीले कोबरा और तीन अजगर निकल चुके हे... : सरकार के नुमाइंदों की गलती के कारण डूब से बाहर किए लोगों का जीवन नर्क से बदतर.....

Shiv Kumar Upwal

2 months ago 6 views
सरकार के नुमाइंदों की गलती के कारण डूब से बाहर किए लोगों का जीवन नर्क से बदतर.....

शिवकुमार उपवाल...✍️

धार। मध्यप्रदेश में धार जिले के निसरपुर में सरदार सरोवर बांध के बेक वाटर से टापू में तब्दील हुए डाग बंगला व गांधीनगर, बेड़ीपुरा एरिया में रहने वाले डूब से बाहर किए बाशिंदे अपनी जान हथेली पर रख रहने को मजबूर है । क्यों को सरकार में बैठे नुमाइंदों की सूझबूझ की वजह से आज यह लोग अपना जीवन नर्क से बदतर तरीके से जी रहे है । इन क्षेत्रों को पूर्व में तो डूब क्षेत्र में लिया गया । लेकिन वर्ष 2017 की 13 कालम सूची में इन लोगों को डूब से बाहर बता कर नरकीय जीवन जीने को छोड़ दिया गया । जिसकी वजह से ये लोग आज भी डूब क्षेत्र में ही अपना जीवन बसर कर रहे है । जहां इन लोगों के घरों से महज कुछ कदमों की दूरी पर सरदार सरोवर बांध का बैक वाटर होने के कारण आए दिन जहरीले और जंगली जानवरों का आना लगा रहता है। ऐसा ही मामला आज टापू बने डाक बंगला क्षेत्र में देख ने को मिला जहां घर के पास पानी होने से लगी मछली की जाल में 12 फिट लबा और 20 किलो वजनी अजगर फंस गया । आज दोपहर दो बजे छोटे बच्चे खेल रहे थे घर में बंधी बकरियों के चिल्लाने की आवाज सुन बच्चो ने देखा तो उनके पीछे ही एक बड़ा अजगर रेंग रहा था । गनीमत रही की कोई बच्चा इसकी चपेट में नही आया नही तो एक बड़ा हादसा हो सकता था । जिसके कारण क्षेत्र के रहवासियों में डर का माहौल पैदा हो गया है । सर्प मित्र कपिल गोस्वामी की माने तो एक माह में दस से भी ज्यादा जहरीले कोबरा और तीन अजगर निकल चुके हे डाक बंगला क्षेत्र में विस्थापन न होने से रहवासियों की मजबूरी बन चुकी है । इन जंगली और जहरीले जानवरों के बीच रहने की ।

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